शुक्रवार, 21 नवंबर 2025

अखिल भारतीय साहित्य परिषद जमशेदपुर महानगर नई कार्यकारिणी की घोषणा

 


अखिल भारतीय साहित्य परिषद – जमशेदपुर महानगर नई कार्यकारिणी की घोषणा

📍 स्थान: तुलसी भवन, प्रयाग कक्ष, बिस्टुपुर, जमशेदपुर

आज दिनांक 16 नवंबर 2025 को अखिल भारतीय साहित्य परिषद, जमशेदपुर महानगर की नई कार्यकारिणी का गठन/घोषणा सम्पन्न हुई। घोषणा चुनाव अधिकारी श्री जलेश्वर प्रसाद सिंह द्वारा की गई। इस अवसर पर प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक सिंह,
संरक्षक अखिल भारतीय साहित्य परिषद – जमशेदपुर महानगर व मानद महासचिव सिंहभूम जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन डॉ. प्रसेनजीत तिवारी, तथा प्रांतीय संयुक्त सचिव श्री जलेश्वर प्रसाद सिंह उपस्थित रहे। “जमशेदपुर महानगर की नई कार्यकारिणी की घोषणा चुनाव अधिकारी श्री जलेश्वर प्रसाद सिंह द्वारा की गई।”

संरक्षक मंडल

आ. मंजू ठाकुर , आ. जयंत श्रीवास्तव, आ. गोविंद दोदराजका, आ. माननीय इंदल अग्रवाल, आ. रागिनी भूषण, डॉ. प्रसेनजीत तिवारी

परामर्श मंडल

रजेन्द्र नाथ मिश्रा , मामचंद अग्रवाल , हरिकिशन चावला , सुशील साहिल , सुरेश चंद्र झा , दीपक वर्मा , विजयलक्ष्मी वेदुला

अध्यक्ष : शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय 'शैल'

कार्यकारी अध्यक्ष : राजेन्द्र प्रसाद सिंह

महामंत्री : सूरज सिंह राजपूत

सचिव : सोनी सुगंधा

सह सचिव : अनिता नीधि , नीलम पेड़ीवाल , भोगेंद्र झा

कोषाध्यक्ष : रीना सिन्हा , डॉ. अरूण कुमार शर्मा

प्रेस प्रभार : मनीष सिंह वंदन , लक्ष्मी सिंह

कार्यकारिणी सदस्य

उपासना सिन्हा , वीणा पांडे भारती , माधवी उपाध्याय , नीलांबर चौधरी , शशि ओझा , पूनम सिंह , आरती श्रीवास्तव , सबिता सिंह मीरा , सुष्मिता मिश्रा , बालकृष्ण मिश्र


प्रेरणादायी संबोधन

कार्यक्रम में उपस्थित प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में नवगठित कार्यकारिणी को हृदयपूर्वक बधाई देते हुए कहा - “अखिल भारतीय साहित्य परिषद केवल एक संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा को शब्दों के माध्यम से सशक्त करने वाला एक साहित्यिक आंदोलन है। साहित्यकार समाज का पथप्रदर्शक होता है और उसकी लेखनी में जनमानस को जागृत करने की अद्भुत शक्ति निहित होती है। हमारी कार्यकारिणी इसी ध्येय को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प दोहराती है। यह हम सभी का कर्तव्य है कि साहित्य की मशाल को जन–जन तक पहुँचाएँ और अपनी अंतिम साँस तक राष्ट्रभावना व सांस्कृतिक उन्नयन के प्रति समर्पित रहें।“

परिषद के संरक्षक एवं सिंहभूम जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के मानद महासचिव डॉ. प्रसेनजीत तिवारी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा— “अखिल भारतीय साहित्य परिषद की पहचान उसकी मूल भावना— सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक जागरूकता और राष्ट्रवाद की प्रखरता—में निहित है। साहित्य के माध्यम से समाज को सही दिशा देना, जनभावना को जोडना तथा राष्ट्रप्रेम की लौ को कभी मंद न पड़ने देना हमारा सतत संकल्प रहा है। नई कार्यकारिणी से आशा है कि वह परिषद की प्रतिष्ठा, परंपरा और साहित्यिक ऊर्जा को और अधिक व्यापक रूप में समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाएगी।”

नवनिर्वाचित अध्यक्ष आदरणीय शैलेन्द्र पाण्डेय ‘शैल’ ने अपने संबोधन में कहा— “यह कार्यकारिणी केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक दायित्व है—एक ऐसा दायित्व जो हमें साहित्य के माध्यम से समाज को संवेदनशील, जागरूक और राष्ट्रनिष्ठ बना सके। आने वाले समय में परिषद नए कार्यक्रमों, नई कार्ययोजनाओं और नई साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी भूमिका को और सशक्त करेगी। हम सभी मिलकर संवाद, सहयोग और समर्पण की भावना के साथ आगे बढ़ेंगे।”

नवनिर्वाचित महामंत्री श्री सूरज सिंह राजपूत ने अपने प्रेरणादायी वक्तव्य में कहा— “साहित्य केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं; यह समाज की धड़कन है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम विशेष रूप से युवा वर्ग को साहित्य से जोड़ें, क्योंकि युवाओं में ही नए भारत के निर्माण की ऊर्जा और संकल्प निहित है। परिषद आने वाले समय में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करेगी जिनके माध्यम से युवा पीढ़ी न केवल साहित्यिक गतिविधियों से जुड़ेगी, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रभावना के प्रति भी अधिक संवेदनशील बनेगी।”

कार्यक्रम में नव-निर्वाचित सदस्यों के साथ मुकेश रंजन, प्रेम लता जी, तथा भंजदेव व्यथित जी की उपस्थिति रही
कार्यक्रम का समापन नवनिर्वाचित कार्यकारी अध्यक्ष आदरणीय राजेन्द्र प्रसाद सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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