बुधवार, 31 दिसंबर 2025

दोहे || सर्वानन्द सिंह "पथिक"

दोहे

दो हजार पच्चीस को, कहें अलविदा आप।
स्वागत शुभ छब्बीस का, हर्षित करें मिलाप।।

माह दिसंबर बीतता, बढ़ता शीत प्रभाव।
नए वर्ष का आगमन, हर्षित जले अलाव।।

दिखा रहा शीशा हमें, आज दिसंबर माह।
आने वाले वर्ष में, पूरी कर लो चाह।।

नया साल है आ रहा, करने धूम धमाल।
सुख दुख की यादें लिए, बीत रहा यह साल।।

जो बिछड़े इस वर्ष वे, दुर्लभ थे प्रत्येक।
नया साल देगा हमें, अवसर हर्ष अनेक।।

मंगल हो सबके लिए, विकसित हो यह देश।
सबके घर परिवार में, खुशियों का परिवेश।।

© सर्वानन्द सिंह "पथिक"

    जमशेदपुर , झारखंड

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें