बुधवार, 31 दिसंबर 2025

विधा- दोहा छंद || नीलम पेड़ीवाल "विहांगी"

विधा- दोहा छंद

नूतन वत्सर के लिए,हर्षित यह संसार।
अभिनंदन सब कीजिए, लाया हर्ष अपार।।

जीवन में आगे बढ़ें, बुरे समय को भूल।
सबका सम अधिकार हो, खिलें अमन के फूल।।

अगवानी सब कीजिए, प्रतिपल हो वरदान।
नए वर्ष में आपका, बढे़ं मान- सम्मान।।

सपने पूरे हों सभी, नए वर्ष में मीत।
मन के आँगन में छिड़े, नित्य नवल संगीत।।

विनती प्रभु से नित करूँ, रहें सभी नीरोग।
आगे ही बढ़ते रहें,भारत भू के लोग।।

© नीलम पेड़ीवाल "विहांगी"

    जमशेदपुर , झारखंड

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