जाने और आने वाला साल
ऐ जाने वाले साल किसी को गम तो
किसी को खुशी दे गया तू
किसी के घर मातम तो
किसी के घर हंसी दे गया तू
कहीं सुख के आंसू तो
कहीं दुख के आंसू दे गया तू
क्या शिकायत करूं तुझसे
कुछ लेकर, कुछ दे गया तू
गुजरते हुए साल ने
बहुत कुछ सिखाया
भरम को तोड़, अपने पराए
का बोध कराया
आने वाले साल में
जो हम चाहे वह ले आना तू
हम सबकी जिंदगी को
अच्छी तरह सँवारना तू
कुछ सपने रह गए अधूरे
कुछ ख्वाहिशें रह गई अधूरी
यही इच्छा नव वर्ष में
हो जाए वह सब पूरी
हौसले को हिम्मत देकर
साथ मेरा निभाना तू
श्रम को कामयाबी के
शिखर तक पहुंचाना तू
हो नववर्ष मुबारक आप सबको
जश्न माहौल बनाना तू
रोज नूतन विहान बनकर
सबको गले लगाना तू
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